बहुरूपता संस्कार सिद्ध बोधक


शिक्षण-विधि-सोपान
बहुरूपता संस्कार सिद्ध बोधक जगत् की बहुरूपता संस्कारों को सिद्ध करती है । संस्कारो के फल से एक बीज़ से नीम का वृक्ष और फल सृजित होता है, दूसरे बीज़ से आम का वृक्ष और फल सृजित होता है । यह माया शक्ति का विज्ञान है । एक से अनेक का सृजन है । माया शक्ति इन्ही संस्कारो के द्वारा एक ब्रम्ह को इस बहुरूप जगत् के रूप में प्रक्षेपित कर रही हैं । विकार माया का प्रभाग है । ब्रम्ह निर्विकार है । सत्ता नित्य है । नाम रूप परिवर्तनशील हैं ।.... क्रमश:  ..

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